पड़ोस
में ठाकुर अंकल रहते थे | रिटायर्ड लेबर कमिश्नर, पढ़े लिखे, बड़े भले से |
अब हमें किताबों का शौक था तो हम उनके बड़े प्रिय हुआ करते थे | उनके पास
किस्से भी ढेर से होते थे सुनाने के लिए | कई जगहों पे काम कर चुके थे और
पढ़ते भी बहुत थे तो ये भी कोई अनोखी बात नहीं |
अपनी IAS वाली नौकरी
से पहले जब तैयारी किया करते थे कम्पटीशन की तो वो प्रोफेसर की नौकरी किया
करते थे और साहित्य पढ़ाते थे | साहित्य के शिक्षक बड़े भले से होते हैं,
एकदम निरीह प्राणी टाइप | दुष्ट होते हैं ये math, संस्कृत, उर्दू, व्याकरण
पढ़ाने वाले | हर वक़्त खाने को तैयार बैठे होते हैं !! व्याकरण के टीचर के
लिए तो Martinet शब्द ही बना दिया है अंग्रेजी में, मतलब होता है एकदम
सख्ती से नियमों का पालन करवाने वाला !!
तो वो अपने साथ के एक
व्याकरण पढ़ाने वाले प्रोफेसर का जिक्र अक्सर किया करते थे | एक बार
उन्होंने कक्षा में किसी से एक वचन से बहु वचन बनाने को कहा और वाक्य दिया
"एक कुत्ता आता है", अब बनाओ इसका बहुवचन | ऐसे तो कोई उनकी कक्षा में जवाब
देता ही नहीं था | पता नहीं कैसे एक ने पीछे से जवाब दे दिया "10 कुत्ते
आते हैं" !! प्रोफेसर साहब की निगाह से कैसे बचता भला !! बोर्ड के पास से
ही chalk और duster फेंक फेंक के मारना शुरु किया !! "साले, कुत्ता बाप
लगता है तुम्हारा ?? आदर सूचक लगता है कुत्ते के साथ | कुत्ते "आते" हैं !!
कुता एक हो या 10 कुत्ता आता है !! अगली बार कुत्ते के साथ आदर सूचक लगाया
तो टांगे तोड़ दूंगा !!"
प्रधान सेवक के साथ आदर सूचक लगता है !!
मोदी बाप लगता है तुम्हारा ?? चाहे UN की असेंबली में बोले की मेडिसन
स्क्वायर में !! मोदी भाषण 'देता' है.. अगली बार आदर सूचक लगाया प्रधान
सेवक के साथ तो टाँगे तोड़ दूंगा.. चाहे CM हो या PM !! बोल मोदी फेंकता
है..
(28 September,2014)