पहली अप्रैल 1912 को पश्चिम बंगाल से बिहार - उड़ीसा प्रान्त अलग हुआ तो
बिहार में प्रति व्यक्ति राजस्व जहाँ साढ़े छः रुपये था, वहीँ पश्चिम बंगाल
में प्रति व्यक्ति राजस्व सवा तेरह रुपये था |
आजादी के बाद भी
आर्थिक रूप से बिहार बेहद रुग्न था | बिहार सरकार ने मार्च 1948 में जो बजट
पेश किया था उसकी तीखी आलोचना हुई थे | तत्कालीन वित्तमंत्री अनुग्रह
नारायण सिंह भी इस आलोचना को लेकर काफी दुखी थे |
पिछले हफ्ते गांव में घुमते रहे.. छोटे मोटे कुछ कागज़ निकलवाने थे.. कुल 7 बार उत्कोच का प्रय
ोग
करना पड़ा है, और इस राष्ट्रहित के कार्य में ख़र्च हुए हैं 132 रुपये और
सात रुपये का दो बार पान का खर्चा... इतने में 5 - 6 लोगों को कहीं और
मनाया जा सकता है क्या??
जय समाजवाद !!!
(22 September, 2014)