आधा ही इतिहास पढ़ा क्या भाई ?

अभी फ्रसट्रेटेड इंडियन की पेज पर एक मज़ेदार चुटकुला पढ़ने में आया | किस्सा कुछ यूँ था की एक क्रिस्चियन और उसका हिन्दू मित्र ISIS के इलाक़े से गुजर रहे थे | अचानक उनके सामने एक ISIS वाला आ गया |
दोनों मित्र घबरा कर सहम के खड़े हो गए | 47 लहराते हुए आतंकी बोला, तुम्हें पता नहीं की ये हमारा इलाका है और यहाँ से सिर्फ एक सच्चा मुसलमान ही गुजर सकता है !! कोई ऐरा गैरा नहीं !! बताओ तुम दोनों सच्चे मुसलमान हो या नहीं ?
मरता, क्या न करता !! इसाई बोला हाँ हाँ मैं मुस्लिम हूँ, उसकी देखा देखी हिन्दू ने भी हाँ में सर हिला दिया !!
आतंकी मगर चालाक किस्म का था | उसे शक हुआ की ये धोखा देने की कोशिश कर रहे हैं | उसने कहा ठीक है मुस्लिम हो तो चलो पवित्र कुरान से कोई आयत सुना दो | क्रिस्चियन ने फ़ौरन बाइबिल से अंग्रेजी की दो चार लाइन सुना डाली | देखा देखी हिन्दू ने भी गीता के दो चार श्लोक जड़ दिए !!
आतंकी ने उछल कर दोनों को गले से लगा लिया | कहा वाह बिरादर अच्छा हुआ हमारी मुलाकात हो गई, पानी वानी पिलाया और आगे का रास्ता भी बता दिया |
आगे बढ़ते ही हिन्दू ने क्रिस्चियन से पुछा, भाई तुम्हें ये अनोखा तरीका सूझा कैसे ? कहीं वो पहचान लेता की हम कुरान से नहीं कहीं और से लाइन सुना रहे हैं तो ?? क्रिस्टियन ने कहा भाई अगर उसने कुरान पढ़ी होती तो ये मुंडी काट के उस से फुटबाल कैसे खेलते ? मुझे पक्का यकीन था की इसने कुरआन नहीं पढ़ी !!
इसे पढ़ते ही बीते कल की बाल दिवस वाली रंगीनियाँ याद आ गई !! जब नेहरु को जी भर के कोसा जा रहा था तो विभाजन तो सबको याद आया, लेकिन औरतों को मताधिकार भी उन्होंने उसी समय दिलवाया था | उसके लिए किसी ने नहीं कोसा | चीन से हार की ज़िम्मेदारी को जब उनपे ठोका जाए तो सारे IIT और IIM जो उन्होंने शुरू करवाए थे उन्हें भी याद कर लिया जाए |
भाखड़ा नगल बाँध से बिजली चाहिए तो कुछ घर से बेघर भी हुए होंगे | एक छोटा सा फैसला भी उनका लाखों लोगों की ज़िन्दगी बदल देता था, अपने लिए इतने अधिकार जुटा लाने का क्रेडिट तो बनता है !!
आधा ही इतिहास पढ़ा क्या भाई ? इस से ज्यादा तो वो ज़नाब अपनी जेल से भेजी चिट्ठियों में लिख गए थे !!
( 15 November, 2014)

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