एक था कछुआ और एक था ख़रगोश | दोनों में दौड़ने की प्रतियोगिता हुई, ख़रगोश बड़ी तेज़ी से दौड़ा और काफी आगे निकल गया | उसने सोचा की कछुआ तो धीमी चाल से आ रहा होगा, जबतक वो पहुंचे एक झपकी ही मार ली जाए | कछुआ थोड़ी देर बाद जब वहां पहुंचा तो उसे पता था सीधे सीधे दौड़ के वो ख़रगोश से जीत नहीं पायेगा | उसने ख़रगोश को सोता छोड़ा और खुद आगे निकल गया | जब ख़रगोश की नींद खुली तो वो भी भागा, लेकिन तब तक कछुआ रेस जीत चुका था | इसके बाद हमें सिखाया जाता था “Slow and steady wins the race” | धीमे धीमे ही सही लेकिन अगर आप लगातार बिना रुके अपने काम में लगे रहें तो एक न एक दिन आप जरूर कामयाब होंगे |
अब यहाँ तक तो कहानी सबने सुनी है, लेकिन ये लोक कथा है, कोई कॉपी राईट वाली शार्ट स्टोरी नहीं इसलिए समय समय पर इसमें कुछ न कुछ जोड़ा घटाया जाता रहा है | आज ये कहानी यहीं ख़त्म नहीं होती | ख़रगोश और कछुए ने फिर से रेस का फैसला किया | इस बार ख़रगोश रास्ते में नहीं सोया | लगातार दौड़ते हुए उसने कछुए से कहीं पहले सारी दूरी तय कर ली, शाम तक जब कछुआ वहां पहुंचा तो ख़रगोश कई घंटे पहले ही जीत चुका था | इस बार सीख दूसरी है, और वो ये है की रास्ते में आने वाली रुकावटों, कई प्रलोभनों पर ध्यान दिए बिना अगर आप लगातार अपने लक्ष्य पर ध्यान केन्द्रित रखें तभी सफ़लता आपको मिलेगी |
कहानी यहीं ख़त्म हो जाती तो कोई बात न थी, लेकिन अभी कहानी और भी है | कछुए ने एक बार फिर से ख़रगोश से रेस की ठानी | इस बार उसने रास्ता ऐसा चुना जिसमे बीच में नदी पड़ती थी | ख़रगोश नदी तक तो पहुंचा मगर उसे तैरना नहीं आता था | जैसे तैसे पास के किसी गाँव में बने पुल तक पहुँच के उसने नदी पार की और फिर रेस की अंतिम point तक भागा | मगर कछुआ बड़ा अच्छा तैराक था, इतनी देर में वो आसानी से नदी पार कर के रेस जीत चुका था | हर एक में कोई न कोई छुपा हुआ हुनर होता है, उसे नज़रन्दाज करके सिर्फ़ एक विधा में सबका ज्ञान जांचना मूर्खता होती है |
जैसे की आलिया भट्ट है, इनके जनरल नॉलेज के ऊपर बने चुटकुलों की भरमार है | लेकिन कभी इनकी Highway देख लीजिये तो फ़ौरन समझ में आ जाता है की एक्ट्रेस बहुत अच्छी है | इसके GK से इसकी जांच करना वैसा ही है जैसे, सचिन से पीएचडी की डिग्री माँगना, या अम्बानी से पेंटिंग बनाने की उम्मीद करना, या आइन्स्टीन से अच्छा खिलाड़ी बनने को कहना | उस से भी ज्यादा मजा तब आता है जब ये लड़की अपना मजाक खुद ही उड़ा लेती है और फिर खिलखिला कर हंसती है | इसका मजाक उड़ाने की कोशिश करने वालों पर घड़ों पानी पड़ जाता है !!
कुछ बड़े, खानदानी, “युवा” नेताओं को इस लड़की से सीखना चाहिए |
(04 December, 2014)