ये प्रसिद्ध पंक्तियाँ लिखी थी बेंजामिन फ्रेंक्लिन ने | कई विधाओं के महारथी थे, काफी गरीबी में बचपन गुजार के जैसे तैसे पढ़ना सीखा | जाति प्रथा थी उन दिनों, ऐसे ही किसी को पढ़ना नहीं सिखा देते थे | लेकिन कबाड़ी की दूकान पर काम करते करते फ्रेंक्लिन ने लिखना सीख ही लिया |
बाईस अगस्त 1485 को लड़ी गई थी बोस्वोर्थ के मैदान की लड़ाई, वार ऑफ़ रोजेज नाम से मशहूर लड़ाई की आखरी लड़ाई थी | राजा हेनरी, इसमें राजा रिचर्ड के खिलाफ लादे थे | अगर आपने कभी shekspear की King Richard पढ़ी हो तो शायद Act V, Scene 4 का वो डायलॉग “A Horse! A Horse! My Kingdom for a Horse!” भी याद होगा आपको |
दरअसल हुआ तो यूँ था की रिचर्ड का घोडा कीचड़ में फंस गया था और घोड़े से उतरने के बाद रिचर्ड मारे गए | इस तरह एक घोड़े की कमी से एक राज्य गया |
कविता में थोड़ा अतिशयोक्ति अलंकार है | कहते हैं की एक कील की कमी के कारण, घोड़े की नाल गई, घोड़े की नाल के कारण घोड़ा गया, घोड़े की कमी में घुड़सवार गिरा, और उस घुड़सवार के मारे जाते ही राज्य शत्रु के कब्ज़े में आ गया, सब सिर्फ एक कील की कमी से !!
थोड़े दिन पहले लोकसभा के चुनाव थे और तीन तीन मतों से जीतने वाले उम्मीदवारों को देखा होगा सबने, अब ये एक छोटा सा राजधानी का चुनाव है |
राजधानी की हार, राजा की बड़ी हार होती है, आपके एक वोट से फ़र्क पड़ता है | उठिए मतदान कीजिये !
आपका वोट कीमती है !
(February 7, 2015)