नौकरी की भारत में बड़ी किल्लत होती है, मिलती ही नहीं | अगर कहीं आप sales में काम करते हों तो और आफत, थोड़े ही दिन में नौकरी बदलने की नौबत आ जाएगी फिर नयी ढूंढो ! बड़ी आफ़त होती है | तो सुबह सुबह पता चला whatsapp से की मिश्रा जी नयी नौकरी ढूँढने पहुंचे थे |
अब नौकरी तो नौकरी है वो पहले ही साहेब के साले साहेब को दे दी गई थी | साक्षात्कार सिर्फ औपचारिकता थी, चुन चुन के ऐसे सवाल किये जा रहे थे की बेचारा candidate जवाब ही न दे पाए | तो एक एक करके बेचारे उम्मीदवार छांटते जा रहे थे इंटरव्यू लेने वाले |
आखिर जब मिश्रा जी की बारी आई तो उनसे पुछा गया की तुम एक नाव पर हो और तुम्हारे पास दो सिगरेट है | तुम्हें सिगरेट जलानी है लेकिन माचिस या लाइटर है नहीं तुम्हारे पास | बीच नदी में नाव पर बैठे, कैसे सिगरेट जलाओगे ?
मिश्रा जी ने कहा, इसके चार संभावित तरीके हो सकते हैं | मैं तरीके बताता हूँ, आप अपनी पसंद का चुन लीजिये | इंटरव्यू लेने वाले को इतने पे ही सदमा लग गया, बेचारे ने पानी गटकते हुए पुछा, बताओ ! मिश्रा जी ने पहला तरीका सुझाया, Throw one cigarette in water, so the boat will become lighter !! And you can light the other cigarett with the LIGHTER !!
इंटरव्यू लेने वाले का सर पीट लेने का मन हुआ, लेकिन उसने कहा अच्छा चलो दूसरा तरीका बताओ |
मिश्रा जी ने फिर कहा, आप एक सिगरेट को उछाल के catch कर लीजिये | catch से Match जीत सकते हैं आप, और फिर जीती हुई match से सिगरेट जला लीजियेगा | इंटरव्यू लेने वाले ने सचमुच अपना सर टेबल पर पटक लिया | हाथ उठा के बोला भाई तीसरा जवाब भी बता दे !!
मिश्रा जी ने फिर बताया, सर नदी से एक चुल्लू भर पानी ले के उसे बूँद बूँद टपकाइये, आपने गाना तो सुना ही होगा | “टिप टिप बरसा पानी, पानी ने आग लगाई..” हम लोग उस आग से भी सिगरेट जला सकते हैं | इंटरव्यू लेने वाले ने ग्लास में डूब के मरने के लिए पानी ढूँढा लेकिन वो तो पहले ही ख़त्म कर चुका था सो डूबने के लिए चुल्लू भर पानी भी नहीं मिला !!
मरता क्या न करता, इंटरव्यू लेने वाले ने कहा, माई बाप, आखरी तरीका भी समझा दे अब ! मिश्रा जी फिर मूड में आ गए, बताया एक सिगरेट को उठा कर दुसरे सिगरेट के सामने ही उसकी तारीफ़ शुरू कर सकते हैं हम लोग | एक सिगरेट की तारीफ़ होती देख के दूसरा सिगरेट अपने आप ही जलने लगेगा !!
इंटरव्यू उछल के खड़ा हो गया !! चिल्लाया, अबे हटाओ साले को, ये नौकरी मिश्रा जी को मिलेगी अब तो !!
दिल्ली में महारानी बाग़ से AIIMS के पीछे मस्जिद मोठ तक सारे तीन मंजिला मकान हैं जहाँ से किराये के साथ मकान मालिक बिजली बिल भी वसूलते हैं | अब अगर बिजली बिल कम हुआ तो नुकसान किसका होगा ? मकान मालिक का जो वोट देता है !! और फायदा किसका ? किरायेदारों का जो वोट नहीं देते !!
ऑटो वाले मनमाना किराया वसूलते हैं दिल्ली में, किराया बढ़ा के उनका फायदा करेंगे की किराया कम कर के “आम” जनता का | एक बार जहाँ जाने को कहा जाये वहां नहीं जाने पर ऑटो वालों पर जुरमाना लगता था, वो जारी रहेगा की हटेगा ?
wi fi पूरी दिल्ली में लगवा रहे हैं, बस में बैठ के उसे चलायें लैपटॉप से ? या बाइक पर मोबाइल से ? आम जनता तो कार में होती नहीं उसे इस wi fi से क्या फायदा होगा ?
साथ में बसों में महिला की सुरक्षा की भी बातें हैं, CCTV कैमरे और homeguard के जवानों से ? पुलिस दिल्ली के CM के कंट्रोल में होती नहीं, उनकी सुनती भी नहीं | इतना तो हम पिछली बार देख चुके, कैसे इनसे सुरक्षा करवाओगे ?
(February 3, 2015)