गधा तम्बाखू नहीं खाता है !!

हीर राँझा, सोहनी महिवाल, रोमियो जुलिएट की तरह अकबर बीरबल भी मशहूर हैं | उनके कई रोचक किस्से आते हैं, बहुत “दोस्ताना” लगता है !!
लेकिन इतना “दोस्ताना” होने पर भी अकबर को बीरबल की एक आदत फूटी आँख भी नहीं सुहाती थी | बीरबल खैनी खाते थे, घंटो बैठ कर तम्बाखू रगड़ते फिर मुंह में डाल लेते | मौका पाते ही यहाँ वहां कोने में थूक भी देते थे | अकबर की नाक सिकुड़ जाती देखते ही !
एक दिन जब अकबर और बीरबल एक तम्बाखू के खेत के पास से गुजर रहे थे तो वहीँ एक गधा भी था | गधा बार बार खेत की तरफ जाता तम्बाखू सूंघता और वापिस चला आता | तम्बाखू की तेज़ बदबू होती है, बेचारा गधा उसे खा नहीं पाता था | अकबर रुक कर ये नज़ारा देखते रहे फिर बीरबल से कहा, देखो बीरबल, गधा भी तम्बाखू नहीं खाता है |
बीरबल ने तम्बाखू मुंह में डाला और कहा, जी हाँ हुज़ूर ! गधा तम्बाखू नहीं खाता है !!
दिल्ली के ओखला इलाके में धीर सिंह बिधूड़ी एक कुत्ते को लेकर प्रचार पर निकलते हैं, जिसके मुंह में झाड़ू दबा रहता है। वे लोगों से कहते हैं - इस समय दिल्ली में 'आप' की ऐसी लहर चल रही है कि जानवर भी इसको सपोर्ट कर रहे हैं।
जवाब में हम भी स्वीकार करते हैं, जी हाँ हुज़ूर, जानवर इस पार्टी को सपोर्ट कर रहे हैं |
‪#‎निंदक_नियरे_रखिये‬ जी के पोस्ट से प्रेरित

(January 31, 2015)

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