अन्तरिक्ष यात्रा की तैयारी चल रही थी | कई योग्य उम्मीदवार astronaut बनने को प्रस्तुत थे | कड़ी चयन परीक्षा के बाद कुछ लोगों को चुना गया | जब यान में बैठ कर जाने की बारी आई तो सबसे पुछा गया की तुम एक चीज़ साथ ले जा सकते हो, बताओ क्या ले जाओगे ?
एक था उनमे से रुसी, उसने फ़ौरन कहा, साहब मैं तो अपनी गर्लफ्रेंड को ले जाऊँगा !! कठिन समस्या थी, अब लड़की चीज़ तो होती नहीं और बात चीज़ ले जाने की हुई थी | मीटिंग बैठी और अंत में humanitarian ground पे तय हुआ की बेचारे को अकेला न छोड़ा जाए | ले जाने दो लड़की |
दूसरा ब्रिटिश था, एकदम intelllectual टाइप का | उसने कहा मुझे कई भाषा सीखने वाली किताबें ले जानी है | मीटिंग फिर बैठी ! भैया बात तो एक चीज़ ले जाने की थी, किताबें तो कई होंगी | फिर तय हुआ की भाषा सीखने वाली किताबें हैं | तो एक ही श्रेणी की हुई सब, ले जाने दो !
तीसरा पाकिस्तानी था, उसने ढेर सी सिगरेट ले जाने की मांग रख दी | सारे लोग मुस्कुराये, कोई मीटिंग नहीं हुई सिगरेट यान में लाद दिए गए | पूरे दस हज़ार सिगरेट |
यान अन्तरिक्ष में दो साल बिता के लौटा | अन्तरिक्ष केंद्र पर पत्रकारों की भारी भीड़ थी | सब कैमरा पकड़े तैनात ! सबसे पहले रूसी उतरा, पीछे पीछे दो बच्चे संभालती उसकी गर्लफ्रेंड ! अन्तरिक्ष में जन्मे बच्चों को देखकर लोगों ने खूब तालियाँ बजायी | दना दन फोटो खीचे गए, फिर पीछे से ब्रिटिश उतरा, आते ही उछल के भाषण वाले मंच पे चढ़ गया | अलग अलग देशों से आये प्रतिनिधियों के लिए अलग अलग भाषा में जवाब देने लगा | दो साल में कई भाषाएँ सीख गया था | खूब तालियाँ बजी !!
सबसे आखरी में पाकिस्तानी उतरा | हैरान परेशान !! उतारते ही पुछा, किसी के पास माचिस है क्या ?? दो साल दस हज़ार सिगरेट और माचिस न हो !! क्या हाल हुआ होगा बेचारे का ??
दिल्ली में सब मुफ्त होने वाला है... पता नहीं पैसे कहाँ से आयेंगे इन चीज़ों के !! खैर किसी के पास माचिस है क्या ??
(February 3, 2015)