भारत के सबसे प्रसिद्ध नामों को गिना जाए तो शायद सीता नाम सबसे पहले आएगा | इनका एक नाम वैदेही भी था, इसलिए था क्योंकि ये राजा जनक की पुत्री थीं | उन्हें विदेह कहा जाता था, मिथिला के राजा थे और शरीर के बंधन से मुक्त थे इसलिए विदेह थे | काफ़ी ज्ञानी माने जाते थे और कई विद्वान् उनके दरबार में आते जाते रहते थे |
उनके दरबार में एक दिन अष्टावक्र पहुंचे | अष्टावक्र की आयु उस समय काफ़ी कम थी | ऊपर से उनके सारे आठ अंग टेढ़े मेढ़े थे, तभी नाम अष्टावक्र था | उन्हें देखते ही कुछ दरबारी मुस्कुराये कुछ तो ऐसे अजीब से व्यक्ति को देख कर हंस पड़े ! एक दो लोगों के हंसने की देर थी की पूरे दरबार में ही ठहाका लगने लगा |
शोर जैसे ही थमा वैसे ही अष्टावक्र मुस्कुराये | सीधा जनक से पुछा, महाराज मैंने तो सुना था की आपके दरबार में कई विधाओं के ज्ञानी हैं ! लेकिन यहाँ तो देखता हूँ की सारे चमार भरे बैठे हैं ! सारी सभा सन्न रह गई ! ये लड़का ज्ञानी मंत्री, सभासदों को ऐसा कैसे कह रहा है ? राजा जनक ने पुछा आप सबको चमार क्यों समझ रहे हैं ? यहाँ तो कई दूसरी विधाओं के ज्ञानी भी है !!
अष्टावक्र ने कहा, मुझसे बात किये बिना, मेरा परिचय जाने बिना, जो मुझे मेरी चमड़ी से पहचान रहे हैं ! अवश्य ही ये सब चमार ही होंगे, उन्हें ही चमड़े की अच्छी परख होती है !
अब मोदी के सूट की कीमत की मारा मारी चल रही है | टाइम्स ऑफ़ इंडिया वालों ने तो सुना है की माफ़ी भी मांग ली है | पहले भी मोदी अपने को मिले सारे तोहफ़े नीलाम करवाके सरकारी ख़जाने में डालते रहे हैं | इस बार भी वही होगा | लेकिन ये कपड़े की कीमत इतने अच्छे से जानने वाले लोग बड़े रोचक हैं |
चमार तो नहीं ही होंगे ?
(February 18, 2015)