स्कूल कॉलेज का रीयूनियन
अक्सर बड़ा मज़ेदार होता है | कई साल बाद जब पुराने साथ वालों से मुलाकात होती है तो
सब बदल गया होता है | लगभग सब मोटे हो गए होते हैं, जो नहीं हुए होते उनको सब अचरज
भरी निगाहों से देखते हैं | बॉय कट और जीन्स वाली लड़कियां साड़ी में लिपटी लम्बे
बालों में अजीब लगती हैं | लड़कों के बाल कम हो जाने और मोटे हो जाने के कारण
अधिकतर पहचान में ही नहीं आते | किसी को आवाज़ से तो किसी को उसके प्रिय डायलॉग से
पहचाना जाता है |
ऐसे ही एक पुराने प्रोफेसर
जब रिटायर होने लगे तो उनके घर उनके कई छात्रों का मजमा लगा | कई इधर उधर की बातें
हुई, कुछ पुराने दिन याद किये गए | अबे ये कहाँ है आज कल ? वो कहाँ गई ? तमाम सवाल
हुए, काम काज भी बात होने लगी | बस फिर क्या था तनाव की बात छिड गई, स्ट्रेस की
चर्चा होने लगी | प्रोफेसर थोड़ी देर तो मुस्कुराते हुए नयी पीढ़ी की बातें सुनते
रहे |
फिर अचानक किसी ने पुछा
प्रोफेसर आपने तो काम करते करते अपनी पूरी जिन्दगी गुजार दी है | तनाव तो आपको भी
होता होगा ? मगर हम सब ने हमेशा आपको हँसते मुस्कुराते ही देखा है ! ऐसा कैसे करते
हैं | प्रोफेसर साहब ने कहा, चलो इस मुद्दे पे भी बात हो जाएगी, पहले ये बताओ कोई
कॉफ़ी पिएगा क्या ? कई लोगों ने हां कर दी |
प्रोफेसर साहब किचन में
गए, कॉफ़ी बनाई | कई लोग थे तो अलग अलग किस्म के कप, ग्लास इस्तेमाल करने पड़े | कुछ
बढ़िया कप थे, कुछ कांच के ग्लास, कुछ स्टील वाले ग्लास भी, बाकि को कुछ पेपर कप
में भी ले कर आ गए | सबने कॉफ़ी उठाई, फिर स्ट्रेस की चर्चा शुरू हो गई |
प्रोफेसर साहब ने पुछा,
एक चीज़ पे ध्यान गया क्या तुम लोगों का ? सारे अच्छे कप उठा लिए गए हैं | पेपर कप
और टूटे हैंडल वाले एक दो कप रहते हैं अभी भी | भई, चाहिए तो सबको कॉफ़ी थी न ? फिर
ये अच्छे कप पे ध्यान क्यों था सबका ? अचानक किसी को इस सवाल का जवाब ही नहीं सूझा
| तो प्रोफेसर साहब ने समझाया, जिन्दगी में तनाव का main कारण भी यही है |
नौकरी, पैसा, मकान, बीवी,
बच्चे ये सब तुम्हारी जिन्दगी के लिए कप की तरह हैं | जैसे ही इनपर ध्यान दोगे तो
जिन्दगी जीने से ध्यान हट जायेगा | कप से ध्यान हटाओ, कॉफ़ी पर ध्यान दो | अभी अभी
इन्टरनेट से पता चला है की आज ब्रेकअप डे है ! किस, रोज, वैलेंटाइन्स डे अभी बीते
भी नहीं थे ढंग से की ब्रेकअप !! सत्यानाश हो इस प्रगतिशीलता का ! कितनी जल्दी
रहती है !
ऐसे माहौल से हम “अंजान”
ही अच्छे ! और कोई छोड़ भी गई तो हम बॉबी (डिम्पल वाली) की तर्ज़ पर गाना गायेंगे,
“तू छड के चली जाएगी, मैं दूजा ब्याह रचाऊंगा...”
(February 20.2015)