Hollywood के मूर्धन्य फिल्मकार Quentin Tarantino है । Tarantino अपने dark humor के लिए जाने जाते हैं । Dark humor क्या होता है ये मैंने Pulp Fiction देख के जाना । फ़िल्म की कहानी कुछ ऐसी है
की एक साथ कई कहानियां चलती रहती है | मुख्य कलाकार दो ही हैं लेकिन उनके जीवन में
जो जो लोग हैं, उन सब की कहानी सुनाई गई है |
तो कहानी में एक
बॉक्सर था जो पैसे तो लेता है हारने के लेकिन गलती से ऐसा घूँसा जड़ देता है की
उसका विरोधी ढेर हो जाता है | अब बॉक्सर बेचारे को पता था की उसने जिस से पैसे लिए
हैं वो उसे जिन्दा नहीं छोड़ेगा | वो जान बचा के भागता है, और भागते भागते एक दूकान
में जा घुसता है | पीछे पीछे गुंडों का सरदार आता है रिवोल्वर लिए |
इस से पहले की
गुंडों का सरदार बेचारे बॉक्सर को गोली मारता, दुकानदार बन्दूक निकाल लेता है |
बन्दूक के जोर पर गुंडों के सरदार से वो पिस्तौल छीन लेता है | गुंडों के सरदार और
बेचारे बॉक्सर दोनों को ले जा के वो तहखाने में बंद करता है और एक पुलिस वाले को
बुला लाता है |
इतने तक मामला
ठीक था | समस्या तब आती है जब पता चलता है की दुकानदार और पुलिसवाले दोनों के शौक
जरा नवाबी थे | दोनों शौक़ीन मिज़ाज़ ! तो दोनों नीचे जाते हैं और टॉस करते हैं, बारी
बेचारे गुंडे की आती है | तो उसे पिंजड़े से निकालते हैं दोनों और उसके हाथ बांध कर
एक टेबल पर उसे झुका कर ... मतलब समझ ही गए होंगे !
लेकिन इस से पहले
की वो कुछ कर पाते पीछे खुला छुट गया बॉक्सर ! वो बन्दूक उठाता है और दोनों
दुकानदार और पुलिसवाले को कब्ज़े में ले लेता है | गुंडे के हाथ खोले गए, बॉक्सर ने
उस से नुकसान की माफ़ी मांगी और कहा की उसके नुकसान की भरपाई कर देगा अगर उसे एक
मौका और मिला तो | लेकिन अभी अभी बेचारे गुंडे की इज्ज़त बची थी ! वो एहसानों के बोझ
तले दबा था |
उसने किया बॉक्सर
का पैसा माफ़ और अपने दो तगड़े, शौक़ीन किस्म के मुस्टंडों को बुलाया | बॉक्सर बच
गया, दुकानदार और पुलिसवाले का जो झिंगालाला हुआ वो जिक्र हम छोड़ देते हैं |
अब पत्रकारों ने
तो किसी सफ़ेद दाढ़ी वाले को दौड़ाया था | लेकिन उन्हें रास्ते में ही किसी सफ़ेद टोपी
वाले ने घेर लिया और कई उनके दल वालों को अपने घर ले गया | झिंगालाला किया की नहीं
ये नहीं पता, लेकिन रोने की आवाजें अब भी आ रही है !
सुना सिसोदिया ने 3 घंटे पत्रकारो को इंतजार कराया, उसके बाद सवाल पूछने पर भुनभुना के चल दिया !!
झिंगालाला
हुर्र हुर्र हुर्र झिंगालाला हुर्र !!
(February 16, 2015)